अच्छे छात्र नेता ही छात्रों के समस्याओं को कर सकते हैं दूर

बीएनएमयू के इस हाल के लिए छात्र संघ चुनाव का नहीं होना भी है। स्थापना के 25 वर्षों के बाद पहली बार हो रहे छात्र संघ चुनाव में जीते हुए प्रतिनिधियों के समक्ष विवि के शैक्षणिक माहौल को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। एक ओर बीएनएमयू के किसी भी पाठ्यक्रम का सत्र नियमित नहीं हैं तो दूसरी ओर परीक्षा व परिणाम में भी गड़बड़ी की बातें सामने आते रही है। यद्यपि वर्तमान कुलपति प्रो. डॉ. अवध किशोर राय विवि के इस स्थिति में को सुधारने का भरसक कोशिश कर रहे हैं, शैक्षणिक माहौल स्थापित करने के लिए कुलपति व प्रतिकुलपति के द्वारा किए जा रहे प्रयास में छात्र प्रतिनिधियों के सहयोग मिलने से विवि में शैक्षणिक माहौल स्थापित हो सकता है। चुनाव जीत कर आए सभी प्रतिनिधियों को इस बात को गंभीरता से लेनी होगी, नहीं तो छात्र संघ चुनाव होने या नहीं होने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। छात्र संघ चुनाव में अच्छे छात्र नेता के चुनाव से ही यह संभव हो सकेगा। वर्तमान समय में छात्र नेता छात्र राजनीति से अधिक दलीय राजनीति में दिलचस्पी लेने लगे हैं, जो कि छात्र राजनीति के लिए अच्छा नहीं है।

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