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टीपी कॉलेज के बीएड में एससी कोटे में सामान्य श्रेणी की छात्रा का हुए नामांकन मामले में सोमवार को कुलपति कड़ी कार्रवाई करेंगे। माना जा रहा है कि इस मामले में कईयों पर गाज गिर सकती है। कुलपति के द्वारा सख्त कार्रवाई की बात कहे जाने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। कुलपति ने इस मामले में दोषी पर हर हालत में कार्रवाई की बात कही है। माना जा रहा है कि सोमवार को नामांकन प्रकरण में हुई धांधली में कुलपति द्वारा टीपी कॉलेज प्रशासन एवं बीएड संकाय के अधिकारियों के अलावे विश्वविद्यालय के पदाधिकारी पर कार्रवाई कर सकते है। जांच की जद में प्रोवीसी डॉ फारूक अली से लेकर टीपी कॉलेज के प्राचार्य एवं बीएड संकाय के पदाधिकारी तक है। प्रोवीसी जहां नामांकन को लेकर टीपी कॉलेज के प्राचार्य को लिखे पत्र को लेकर जांच की जद में है। वही बिना जांच किये बिना नामांकन लेने एवं विभागाध्यक्ष द्वारा गलत तरीके से नामांकन होने की जानकारी दिए जाने के वावजूद कार्रवाई नही किये जाने को लेकर प्राचार्य भी जांच के घेरे में है। इसके अलावे बीएड संकाय के कई अधिकारी भी जांच की जद में शामिल है। अब सोमवार को यह देखा जाना है कि कुलपति द्वारा इस म...

विवि पीजी शिक्षक अपने जन्मदिन पर लगाते हैं पौधा

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पर्यावरण संरक्षण का अनूठा उदाहरण बन रहा है बीएन मंडल विश्वविद्यालय। विवि के पीजी विभाग के छात्र, शिक्षक व विवि पदाधिकारी अपने जन्मदिन पर पौधा लगाने की परंपरा बना लिए हैं। इसी कड़ी में रविवार को पीजी भौतिकी विभाग के शिक्षक सह केंद्रीय पुस्तकालय के प्रभारी डॉ. अशोक कुमार का जन्मदिन पर विवि के नए कैंपस में छात्र, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने धूम-धाम से मनाया। इस अवसर पर डॉ. अशोक ने अपने पूरे परिवार के साथ विवि न्यू कैंपस स्थित साइंस ब्लॉक में तीन फलदार पौधे लगाए। मौके पर बीएनमुस्टा के महासचिव डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि हमलोगों ने दिसंबर 2017 से पर्यावरण संरक्षण का मुहिम चलाया है तथा इन चार महीनों में लगभग 500-600 पौधा लगा चुके हैं। इस मौके पर डॉ. विमल सागर, डॉ. शैलेंद्र पाठक, डॉ. शंकर मिश्रा, विवि के पीआरओ डॉ. सुधांशू शेखर, डॉ. एस सिंह काश्यप, मु. अब्दुल सत्तार, दिलीप, रंजीत, शंकर, संतोष, गोविन्द, अनिल, सौरव, मनोहर, संतोष, अजय, भवेश, मिथलेश, विवेकानंद, संतोष, शौरभ, राम नरेश भारती, केशव, रूदल, बौकू, उजाला, प्रवेश, श्वेव समेत दर्जनों छात्र, कर्मचारी एवं शिक्षक उपस्थित थे।
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अच्छे छात्र नेता ही छात्रों के समस्याओं को कर सकते हैं दूर बीएनएमयू के इस हाल के लिए छात्र संघ चुनाव का नहीं होना भी है। स्थापना के 25 वर्षों के बाद पहली बार हो रहे छात्र संघ चुनाव में जीते हुए प्रतिनिधियों के समक्ष विवि के शैक्षणिक माहौल को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। एक ओर बीएनएमयू के किसी भी पाठ्यक्रम का सत्र नियमित नहीं हैं तो दूसरी ओर परीक्षा व परिणाम में भी गड़बड़ी की बातें सामने आते रही है। यद्यपि वर्तमान कुलपति प्रो. डॉ. अवध किशोर राय विवि के इस स्थिति में को सुधारने का भरसक कोशिश कर रहे हैं, शैक्षणिक माहौल स्थापित करने के लिए कुलपति व प्रतिकुलपति के द्वारा किए जा रहे प्रयास में छात्र प्रतिनिधियों के सहयोग मिलने से विवि में शैक्षणिक माहौल स्थापित हो सकता है। चुनाव जीत कर आए सभी प्रतिनिधियों को इस बात को गंभीरता से लेनी होगी, नहीं तो छात्र संघ चुनाव होने या नहीं होने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। छात्र संघ चुनाव में अच्छे छात्र नेता के चुनाव से ही यह संभव हो सकेगा। वर्तमान समय में छात्र नेता छात्र राजनीति से अधिक दलीय राजनीति में दिलचस्पी लेने लगे हैं, जो कि ...

बन सकता है नया गठबंधन

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छात्रसंघ चुनाव में नए समीकरण भी बनने की आशंका जताई जा सकती है। एक नजर में तो अभाविप के काउंसिल मेंबरों की संख्या से पता चलता है कि वे सबसे बड़े संगठन के रूप में उभरे हैं। वहीं दूसरी ओर महागठबंधन और जेएसीपी के अगर एक हो जाते हैं तो अभाविप पिछड़ जाएंगे। सूत्रों की मानें तो महागठबंधन व जेएसीपी से गठबंधन बनाने की बात भी चल रही है। वहीं दूसरी ओर सभी संगठन से विवि अध्यक्ष के लिए दावेदार प्रत्याशियों ने विवि प्रतिनिधियों ने संपर्क साधना शुरू कर दिया है। वहीं अध्यक्ष पद के लिए चुनाव के मद्देनजर पार्टी के वरीय नेता भी काउंसिल मेंबरों से संपर्क साधने में लगे हुए हैं।

सबकी निगाहें विवि अध्यक्ष पद पर

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बीएन मंडल विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव का प्रथम चरण दो कॉलेजों को छोड़ कर अन्य सभी कॉलेजों में पूरा हो चुका है। कॉलेज व पीजी विभागों में चुनाव व परिणाम आ जाने के बाद अब छात्र संगठन विवि प्रतिनिधि को अपने पक्ष में करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। छात्रसंघ चुनाव परिणाम आने के बाद अभाविप जहां 66 सीटों पर विवि प्रतिनिधि को जीतने की बात कह रही हैं। वहीं जन अधिकार छात्र परिषद 62 सीटों पर विवि प्रतिनिधि का चुनाव जीतने की बात कह रही है। इस तरह अभाविप सबसे अधिक सीट जीतकर फिलहाल ताे ड्राइविंग सीट पर नजर आ रही है। वहीं जेएसीपी भी चुने गए काउंसिल मेंबरों को अपने पक्ष में करने में जुटे हुए है। इस तरह विवि अध्यक्ष पद के लिए चुनाव दिलचस्प होने की उम्मीद की जा सकती है। 17 मार्च को दो कॉलेजों फारबिसगंज कॉलेज फारबिसगंज व डीएस कॉलेज कटिहार में चुनाव होना है। इसके बाद विवि छात्र अध्यक्ष के लिए चुनाव की तिथि घोषित की जाएगी।

लगाया गया आरोप बेबुनियाद

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बहाली प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा के आरोप से घिरे कुलसचिव ने सभी आरोप को भ्रामक व बेबुनियाद बताया। बुधवार को इस संबंध में बीएन मंडल विवि के कुलसचिव नरेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि छात्र संगठन किसी के बहकावे में आकर इस तरह का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि वे सामान्य कोटि से ही प्राध्यापक के पद पर बहाल हुए हैं। परीक्षा व इंटरव्यू में भी सामान्य कोटि से शामिल हुए। उन्होंने इस संबंध में कागजात दिखाते हुए कहा कि विवि द्वारा जारी अधिसूचना में उनके नाम के आगे केटेगरी में सामान्य के जगह पर बीसी वन लिखा गया। इसमें सुधार को लेकर उन्होंने बिहार राज्य विवि सर्विस कमीशन को पत्र लिखा। बिहार राज्य विवि सर्विस कमीशन ने कहा कि यह गलती विवि प्रशासन की है इसे विवि के कुलसचिव से सुधार करवाएं। इसके बाद 1999 में उन्होंने बीएनएमयू के कुलसचिव इस कोटि में सुधार को लेकर पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि उनके सभी शैक्षणिक कागजात में उनका नाम नरेंद्र जंगबहादूर था, जिसे 1995 एफिडेविट के द्वारा बदलकर श्रीवास्तव किया गया। उन्होंने कहा कि आरक्षित कोटे के लिए मैंने कभी दावा ही नहीं किया तो मेरा स...

1982 में बहाल शिक्षकों का सेवा का होगा स्थाईकरण

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बीएन मंडल विश्वविद्यालय में बुधवार को प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली की अध्यक्षता में 1982 में बहाल हुए शिक्षकों के सेवा स्थायीकरण के लिए सिंडिकेट की उपसमिति की बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकारी आदेशों का पालन करते हुए शिक्षकों के वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। बैठक में कहा गया कि 1982 में बहाल शिक्षकों के सेवा स्थायीकरण के लिए तत्कालीन कुलपति के द्वारा दिए गए आदेश को लागू नहीं किया जाना विवि के लिए अच्छी पहल नहीं थी। इस मामले में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पूर्व कुलपति डॉ. रामविनोद सिंह के द्वारा दिए आदेश को जल्द लागू किया जाए। इस निर्णय पर उप समिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से लागू करने की सहमति दे दी। साथ ही निर्णय लिया गया कि 1982 में बहाल शिक्षकों के स्थायीकरण का लाभ दिया जाए। साथ ही इस संबंध में संचिका को कुलपति के पास भेजकर अभिषद से स्वीकृति के लिए भेजा जाए। बैठक में शिक्षकों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में डॉ. परमानंद यादव, डॉ. जवाहर पासवान, डॉ. अजय कुमार एवं डॉ. शब्बीर उपस्थित थे। ------------------------ बीएन मंडल...