टीपी कॉलेज के बीएड में एससी कोटे में सामान्य श्रेणी की छात्रा का हुए नामांकन मामले में सोमवार को कुलपति कड़ी कार्रवाई करेंगे। माना जा रहा है कि इस मामले में कईयों पर गाज गिर सकती है। कुलपति के द्वारा सख्त कार्रवाई की बात कहे जाने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। कुलपति ने इस मामले में दोषी पर हर हालत में कार्रवाई की बात कही है। माना जा रहा है कि सोमवार को नामांकन प्रकरण में हुई धांधली में कुलपति द्वारा टीपी कॉलेज प्रशासन एवं बीएड संकाय के अधिकारियों के अलावे विश्वविद्यालय के पदाधिकारी पर कार्रवाई कर सकते है। जांच की जद में प्रोवीसी डॉ फारूक अली से लेकर टीपी कॉलेज के प्राचार्य एवं बीएड संकाय के पदाधिकारी तक है। प्रोवीसी जहां नामांकन को लेकर टीपी कॉलेज के प्राचार्य को लिखे पत्र को लेकर जांच की जद में है। वही बिना जांच किये बिना नामांकन लेने एवं विभागाध्यक्ष द्वारा गलत तरीके से नामांकन होने की जानकारी दिए जाने के वावजूद कार्रवाई नही किये जाने को लेकर प्राचार्य भी जांच के घेरे में है। इसके अलावे बीएड संकाय के कई अधिकारी भी जांच की जद में शामिल है। अब सोमवार को यह देखा जाना है कि कुलपति द्वारा इस मामले में किस-किस पर क्या कार्रवाई की जाती है।

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किस-किस पर होगी कार्रवाई ?

कुलपति डॉ ए के राय द्वारा स्पष्ट कर दिए जाने के बाद कि नामांकन प्रकरण में गलती हुई है।अब कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। बस सबों को इंतजार इस बात की है कि सोमवार को कुलपति द्वारा किस किस पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। कुलपति किस प्रकार की कार्रवाई करेंगे। इस बात को लेकर भी जमकर कयासबाजी चल रही है।बता दे कि एबीवीपी के छात्र नेताओं को कुलपति ने पहले 31 मार्च तक ही कार्रवाई किये जाने की तिथि बताई थी लेकिन विश्वविद्यालय में दो दिन छुट्टी रहने की वजह से प्रोवीसी का जबाब कुलपति को नही मिल पाया और तब कार्रवाई के लिए सोमवार की तिथि निर्धारित की गयी है।

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प्रोवीसी पर भी होगी कार्रवाई ?

इस प्रकरण में सबसे बड़ा और अहम सवाल यह है कि क्या कुलपति प्रोवीसी डॉ फारूक अली के विरुद्ध भी कार्रवाई करेंगे। क्योंकि मामले की जड़ में प्रोवीसी द्वारा बीएड नामंकन समिति के अध्यक्ष के रूप में छात्रा के नामांकन को लेकर जारी किया गया पत्र ही है। प्रोवीसी के पत्र के आलोक में ही टीपी कॉलेज में ममता कुमारी का नामांकन 2017-19 के सत्र में एससी कोटे में किया गया जबकि यह सामान्य श्रेणी से है। प्रोवीसी की भूमिका भी इस प्रकरण में संदेह के घेरे में है। मामले को उजागर करने वाले एबीवीपी के नेताओं ने भी प्रोवीसी की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

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टीपी कॉलेज प्राचार्य भी है जांच की जद में : टीपी कॉलेज के प्राचार्य पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। प्रोवीसी के पत्र पर बिना जांच कराए छात्रा का नामांकन कर लेने के मामले में पहले ही प्रोवीसी ने कॉलेज प्राचार्य की भूमिका पर सवाल खड़े किये है। वही शनिवार को सामने आये एक पत्र के अनुसार नामांकन की गलती का पता डेढ़ माह पूर्व ही प्राचार्य को चल चुका था। सहायक प्राध्यापक आशुतोष कुमार झा द्वारा मिले पत्र के आधार पर बीएड विभागाध्यक्ष ने प्राचार्य को सूचित कर दिया था। इसके बावजूद भी प्राचार्य स्तर से न तो खुद कोई कार्रवाई की गयी और न ही विश्वविद्यालय को नामांकन में हो चुके इस फर्जीवाड़े की जानकारी दी। अगर सहायक प्राध्यापक के पत्र के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आयी होती तो यह मामला कब का उजागर हो गया रहता। लेकिन कॉलेज प्रशासन द्वारा इस पत्र पर कुंडली मार कर बैठे रहने की वजह से मामला 23 मार्च को तब उजागर हुआ। जब एबीवीपी के छात्र नेताओं ने कुलपति को साक्ष्यों में साथ कुलपति को ज्ञापन सौंपा।

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छात्रा का नामांकन हो सकता है रद्द :

बीएड में गलत तरीके से हुए नामांकन के मामले में सोमवार को छात्रा का नामांकन भी रद्द किया जा सकता है। छात्रा ममता कुमारी ने पति के जाति के आधार पर जाति प्रमाण पत्र बनवा कर एससी कोटे में नामांकन करा लिया जबकि नियमानुसार जाति का निर्धारण पिता की जाति से होना है। इसीलिए यह कयास भी लगाया जा रहा है कि सोमवार को कुलपति द्वारा छात्रा का नामांकन रद्द किया जा सकता है।

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सोमवार को टीपी कॉलेज के नामांकन में हुई गड़बड़ी के मामले में कार्रवाई की जाएगी। मामले में जो भी दोषी पाए जायेंगे उनके विरुद्ध नियम-परिनियम के तहत कार्रवाई होगी।

डॉ. एके राय

कुलपति,बीएनएमयू,मधेपुरा

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