अच्छे कालाकार बनने के लिए को सही मार्गदर्शन की जरूरत


शहर के नगर भवन में प्रांगण रंगमंच की ओर से जारी नौ दिवसीय कार्यशाला के छठे दिन गुरुवार को रंगमंच के जाने.माने नाम कई फिल्मों में काम कर चुके अमित झा ने कालाकारों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित सभी नवोदित कलाकारों को अभिनय के बारे में कई महत्वपूर्ण बातों की जानकारी दी। इसके बाद पत्रकारों से वार्ता के दौरान अमित ने बताया कि अचानक से कुछ भी नहीं हो सकता है। किसी भी क्षेत्र में नाम पाने के लिए कड़ी मेहनत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही रंगमंच के प्रति उनका गहरा लगाव था। 2005 में पटना से थियेटर की शुरुआत की। पिछले दो वर्षो से
मुंमई में रंगमंच के साथ.साथ फिल्म व टीवी सीरियलों में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि थियेटर के क्षेत्र में पैसा नहीं के बराबर है। इसके लिए फिल्म व थियेटर दोनों करना पड़ता है। थियेटर से आत्म संतुष्टि तो मिलती है पर पैसा नहीं मिल पाता है। अमित झा सावधान इंडिया सहित कई अन्य टीवी सीरियलों में कई महत्वपूर्ण किरदार निभा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कला ग्रामीण या शहरी नहीं होता है। अच्छे कालाकार बनने के लिए कालाकारों को सही मार्गदर्शन की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्र में भी बहुत सारे अच्छे कालाकार हैं। उनको सही ट्रेनिंग नहीं मिल पाती हैए जिसके कारण वे आगे नहीं बढ़ पाते हैं। रंगमंच के कालाकारों के लिए रियाज आवश्यक है। बिना रियाज किए कालाकारों के अभिनय में निखार नहीं आ सकता है। इस अवसर पर आशीष सत्यार्थीए लिजा तान्याए विक्की विनायकए ब्रजेश कुमारए मनोहर कुमारए सुमन कुमारए बमबम कुमारए सुनित सानाए गरिमा उर्विशाए दिलखुशए देशराज आदि उपस्थित थे।

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